MCQ on Science: प्रकाश

हम यहां “प्रकाश” से संबंधित कुछ साधारण प्रश्न देखेंगे। ये सवाल NCERT की किताब से लिए गए हैं।

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Q&A: प्रकाश (Question and Answer on Light)


प्रश्न-1: निम्नलिखित पर विचार कीजिये-

  • घटना-1: वस्तु द्वारा स्वयं का प्रकाश उत्सर्जन
  • घटना-2: वस्तु द्वारा प्रकाश का परावर्तन
  • घटना-3: प्रकाश का विक्षेपण

उपर्युक्त में से कौन-सा/से किसी वस्तु को देख पाने की घटना से संबंधित है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

व्याख्याः (Option: 1)

  • किसी वस्तु को देख पाने के लिये आवश्यक है कि वस्तु से प्रकाश आँखों पर आए। यह प्रकाश वस्तु से उत्सर्जित या परावर्तित होकर आ सकता है।
  • जो पिण्ड प्रकाश का उत्सर्जन स्वयं करते हैं, वे दीप्त पिण्ड तथा जो दूसरी वस्तुओं के प्रकाश से चमकते हैं, वे प्रदीप्त पिण्ड कहलाते हैं।
  • प्रकाश के अपने रंगों में विभाजित होने को प्रकाश का विक्षेपण कहते हैं। इन्द्रधनुष विक्षेपण को दर्शाने वाली एक प्राकृतिक घटना है। विक्षेपण की प्रक्रिया वस्तु को देखने के लिये उत्तरदायी नहीं है।

प्रश्न-2: प्रकाश के परावर्तन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-

  • कथन-1: इस घटना में आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है।
  • कथन-2: आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर खींचा गया अभिलंब- ये तीनों एक ही तल में होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

व्याख्याः (Option: 3) उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं। इन्हें प्रकाश के परावर्तन का नियम कहते हैं।


प्रश्न-3: निम्नलिखित में से नेत्रों का कौन-सा भाग नेत्रों के विशिष्ट रंग के लिये उत्तरदायी होता है?

  1. लेंस (Lens)
  2. कॉर्निया (Cornea)
  3. रेटिना (Retina)
  4. परितारिका (Iris)

व्याख्याः (Option: 4)

  • परितारिका मानव नेत्र का वह भाग है जो इसे इसका विशिष्ट रंग प्रदान करती है।
  • मानव नेत्र की आकृति लगभग गोलाकार है। नेत्र का बाहरी आवरण सफेद होता है। यह कठोर होता है जो नेत्र के आंतरिक भागों की सुरक्षा करता है। इसके पारदर्शी भाग को कॉर्निया या स्वच्छ मंडल कहते हैं। कॉर्निया के पीछे एक गहरे रंग की संरचना होती है, जिसे परितारिका कहते हैं। परितारिका नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है। इसमें एक छोटा सा द्वार होता है जिसे पुतली (Pupil) कहते हैं। पुतली के पीछे एक लेंस होता है जो केन्द्र पर मोटा (उत्तल) होता है। लेंस प्रकाश को आँखों के पीछे एक परत पर फोकस करता है। इस परत को रेटिना (दृष्टि पटल) कहते हैं।

प्रश्न-4: रेटिना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-

  • कथन-1: यह अनेक तंत्रिका कोशिकाओं की बनी होती है।
  • कथन-2: अंध बिन्दु (Blind Spot) रेटिना तथा दृक् तंत्रिकाओं (Optic Nerves) की संधि पर उपस्थित होता है।
  • कथन-3: इस पर बने प्रतिबिंब का प्रभाव, वस्तु को हटा लेने पर, तुरन्त ही समाप्त नहीं होता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. केवल 3
  4. 1, 2 और 3

व्याख्याः (Option: 4) रेटिना (Retina)

  • उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं। रेटिना अनेक तंत्रिका कोशिकाओं का बना होता है। इन तंत्रिका कोशिकाओं द्वारा अनुभव की गई संवेदनाओं को दृक् तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क तक पहुँचाया जाता है ये तंत्रिका दो प्रकार की होती हैं-
    1. शंकु (Cones), जो तीव्र प्रकाश के लिये सुग्राही होते हैं तथा रंगों (वर्णों) की सूचनाएँ भी भेजते हैं।
    2. शलाकाएँ (Rods), जो मंद प्रकाश के लिये सुग्राही होती हैं।
  • दृक् तंत्रिकाओं तथा रेटिना की संधि पर कोई तंत्रिका कोशिका नहीं होती है। इस बिन्दु को ‘अंध बिन्दु’ कहते हैं।
  • रेटिना पर बने प्रतिबिंब का प्रभाव, वस्तु को हटा लेने पर, तुरन्त ही समाप्त नहीं होता। यह लगभग 1/16  सेकेंड तक बना रहता है। इसलिये यदि नेत्र पर प्रति सेकेंड 16 या इससे अधिक दर पर किसी गतिशील वस्तु का स्थिर प्रतिबिंब बनें, तो नेत्र को वह वस्तु चलचित्र की भाँति चलती-फिरती अनुभव होगी।

प्रश्न-5: मानव नेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-

  • कथन-1: सामान्य नेत्र दूर रखी वस्तुओं के साथ-साथ निकट की वस्तुओं को भी स्पष्टतया देख सकता है।
  • कथन-2: वह न्यूनतम दूरी जिस पर नेत्र वस्तुओं को स्पष्टतया देख सकता है, आयु के साथ-साथ परिवर्तित होती रहती है।
  • कथन-3: मोतियाबिंद नेत्र का लेंस धुंधला हो जाने के कारण होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 3
  4. 1, 2 और 3

व्याख्याः (Option: 4)

  • उपर्युक्त सभी कथन सही हैं। मानव नेत्र एक ऐसा अद्भुत यंत्र है जो दूर रखी वस्तु के साथ-साथ निकट की वस्तु को भी स्पष्टतया देख सकता है।
  • वह न्यूनतम दूरी, जिस पर नेत्र वस्तुओं को स्पष्टतया देख सकता है, आयु के साथ परिवर्तित होती रहती है। सामान्य नेत्र द्वारा पढ़ने के लिये सर्वाधिक सुविधाजनक दूरी लगभग 25 सेमी. होती है।
  • मोतियाबिंद वृद्धावस्था में नेत्र का लेंस धुंधला हो जाने के कारण होता है। इसकी चिकित्सा की प्रक्रिया में चिकित्सक द्वारा इस अपारदर्शी लेंस को हटाकर नया कृत्रिम लेंस लगा दिया जाता है।

प्रश्न-6: ब्रैल सिस्टम (Braille System) निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?

  1. प्रकाश के परावर्तन के नियम से
  2. दूर तथा निकट दृष्टिदोष से संबंधित व्यक्तियों से
  3. चक्षुषविकृति युक्त (Visually Challenged) व्यक्तियों से
  4. उपर्युक्त में से किसी से नहीं

व्याख्याः (Option: 3)

  • ब्रेल सिस्टम चक्षुषविकृति युक्त व्यक्तियों के लिये सर्वाधिक लोकप्रिय साधन है। इस पद्धति को लुई ब्रैल, जो स्वयं एक चक्षुषविकृति युक्त व्यक्ति थे, ने विकसित किया था।
  • ब्रैल पद्धति में 63 बिंदुकित (Dot) पैटर्न अथवा छाप हैं।

प्रश्न-7: जंतुओं के नेत्र विभिन्न आकृति के होते हैं तथा विभिन्न विशेषताएँ रखते हैं। इन विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-

  • कथन-1: केकड़े के नेत्र बहुत छोटे होते हैं, परन्तु वह चारों ओर देख सकता है।
  • कथन-2: तितली के नेत्र बड़े होते हैं, परन्तु सहस्रों छोटे नेत्रों से मिलकर बने प्रतीत होते हैं।
  • कथन-3: उल्लू के नेत्र में बड़ा कॉर्निया तथा बड़ी पुतली होती है ताकि नेत्र में अधिक प्रकाश प्रवेश कर सके।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 3
  4. 1, 2 और 3

व्याख्याः (Option: 4)

  • उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं। केकड़े के नेत्र बहुत छोटे होते हैं, परन्तु इनके द्वारा केकड़ा चारों ओर देख सकता है।
  • तितली के नेत्र बड़े होते हैं जो सहस्रों छोटे नेत्रों से मिलकर बने प्रतीत होते हैं। यह केवल सामने अथवा पार्श्व में ही नहीं बल्कि पीछे भी देख सकती है।
  • उल्लू के नेत्र में बड़ा कॉर्निया तथा बड़ी पुतली होती है, ताकि नेत्र में अधिक प्रकाश प्रवेश कर सके। इसी के साथ-साथ इसके रेटिना में बड़ी संख्या में शलाकाएँ होती हैं तथा केवल कुछ ही शंकु होते हैं जिस कारण उल्लू रात में भली-भाँति देख सकता है, परन्तु दिन में नहीं। इसके विपरीत दिन के पक्षियों के नेत्रों में शंकु अधिक तथा शलाकाएँ कम होती हैं।

विश्वसनीयता (Trustworthy)

“MCQ केटेगरी” में शामिल प्रत्येक प्रश्न को आधिकारिक स्त्रोतों द्वारा जांचा-परखा गया है, फिर भी इसमें सुधार की गुंजाइश से इंकार नहीं किया जा सकता है। यदि आपको किसी भी प्रश्न में कोई संदेह है, तो आप नीचे टिप्पणी में पूछ सकते हैं। हमारी टीम इसे 48 घंटे में हल करने की भरोसेमंद-कोशिश करेगी।


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