शक संवत और विक्रम संवत

इतिहास में इस बात के तथ्य मौजूद हैं जिनसे पता चलता है कि भारत में संवत का प्रयोग लगभग 2000 वर्ष से ही होना शुरू हुआ है। इससे पहले ‘शासन वर्ष’ का उपयोग समय की गणना के लिए किया जाता था। महान शासक अशोक, कौटिल्य, कुषाण और सातवाहन तक यह गणना चलती रही। इससे इतिहासकारों में भ्रम की स्थिति बनी रही। हिंदुओं का सबसे प्राचीन संवत ‘सप्तऋषि संवत’।

सम्वत को समय की गणना का भारतीय मापदंड माना जाता है। भारत में दो सम्वत प्रचलित हैं, विक्रम सम्वत (57 ई.पू.) और शक सम्वत (78 ई.)


शक संवत : (2019 – 78 = 1941)

यह भारत के अधिकारिक कैलेंडर है। इसको सरकारी रूप से अपनाने के पीछे कारण यह है कि, प्राचीन लेखो, शिला लेखो में इसका वर्णन देखा गया है। इसके अतिरिक्त यह संवत विक्रम संवत के बाद शुरू हुआ। यह अंग्रेजी कैलेंडर से 78 वर्ष पीछे है, 2019 – 78 = 1941.

इस प्रकार अभी 1941 शक संवत चल रहा है।


विक्रम संवत : (2019 + 57 = 2076)

यह राजा विक्रम के द्वारा प्रारंभ किया गया संवत है। उनके समय में सबसे बड़े खगोल शास्त्री वराहमिहिर थे। जिनके सहायता से इस संवत के प्रसार में मदद मिली। वराह मिहिर की मान्यता काफी अधिक थी। इसलिए इस संवत के प्रसार में कठिनाई नही आई।

इस संवत की मान्यता होने का दूसरा प्रमुख कारण है कि यह संवत उज्जैन से शुरू हुआ है। उज्जैन में आप जानते होंगे कि वह ऐसी जगह है, जहाँ से कर्क रेखा गुजरती है, वहां से समय गणना, घड़ी आदि कई महत्वपूर्ण घटनाये जुडी हुई है। जिसके कारण उस जगह की मान्यता है। यह अंग्रेजी कैलेंडर से 57 वर्ष आगे है, 2019 + 57 = 2076.

इस प्रकार अभी 1941 शक संवत चल रहा है। तथा 2019 अप्रैल से विक्रम संवत 2076 चल रहा है।

और अधिक जानकारी के लिए आगे पढ़ें…


विक्रम संवत और शक संवत में अंतर :

वैसे तो शक संवत और विक्रम संवत के महीनों के नाम एक ही हैं और दोनों संवतों में शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष भी हैं। अंतर सिर्फ दोनों पक्षों के शुरू होने में है। विक्रम संवत में नया महीना पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष से होता है जबकि शक संवत में नया महीना अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष से शुरू होता है। इसी कारण इन संवतों के शुरू होने वाली तारीखों में भी अंतर आ जाता है। शक संवत में चैत्र के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा, उस महीने की पहली तारीख है जबकि विक्रम संवत में यह सोलहवीं तारीख है।

विक्रम संवत व शक संवत में आपस में अंतर 57 + 78 = 135 वर्ष का अंतर है।

वि.सं. 2075 – श. सं. 1940 = 135 वर्ष ।

इसके अतिरिक अन्य 7–8 सवत है, जो कम प्रचलित है।

कुछ प्रमुख अंतर नीचे दी गई तालिका में सूचीबद्ध हैं :-


शक संवतविक्रम संवत
Epoch of the era with reference to the  Gregorian Calendar AD year –78 from Mar/Apr to Dec AD year –79 from Jan to  Mar/Apr AD year +57 from Mar/Apr to Dec AD year +56 from Jan to Mar/Apr (used in Chaitra calender)
Based on Crowning of Shalivahan king in 78AD. Believed to be based on the crowning of Vikramaditya of Ujjain in 56BC.
Starting Mark Gudi Padvo (March – April) Chaitra-Shukla-Pratipada (Mar-Apr)
Other names Shaka Samvat (Vikram Samwat, Vikram Sambt, Bikram Samvat, Bikram Samwat, Bikram Sambat or Vikram’s Era
Age Younger by 135 years Elder by 135 years

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20 Comments

  1. Vikrami Samvat starts on Chaitra-Shukla-Pratipada (Mar-Apr) not on DiwalI (Oct-Nov).

    1. अपेक्षित सुधार किए गए हैं। धन्यवाद Dube जी।

      1. Gujarati calendar me hum Diwali ko last day of the year aur Uske Baad wale din ko hi year ka pehla din mante he…
        Aur isi din ko Vikram samvat ke new year me celebrate karte he…
        Aur isi liye, Diwali ko hum purane Hisab kitab ke book close kar ke new Book ki Pooja karte he,
        Aur to aur har saal isi liye Diwali ke din Stock exchange me bhi “Muhart trading” 1hr ka hota he…

    2. विक्रम संवत की शुरुआत चैत्र-कृष्ण-प्रतिपदा से होती है यानि होली के अगले दिन।

  2. Too much amazing and extra knowledge

  3. I found this information. Not sure what is correct. The months of Shaka and Vikram Samvat are the same, and both the Samvat also have Shukla Paksha and Krishna Paksha. But the difference is only in the beginning of the month. The new month starts in the Vikram Samvat with the Krishna Paksha which comes after the full moon, whereas the new month begins in the Shaka Samvat with the Shukla Paksha which comes after the new moon.

    That is why there is a difference in the dates of the beginning of these Samvat. Pratipada (First day) of the Shukla Paksha of Chaitra in the Shaka Samvat is the first date of the month, while it is the sixteenth date of Vikram Samvat.

    1. Other than languages, what is the difference?

  4. विक्रमी संवत् चैत्र शुक्ल पक्ष से शुरू होता है और शक संवत् चैत्र की प्रथम तिथि अर्थात् कृष्ण पक्ष से प्रारंभ होता है।

    1. नहीं… शक संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होता है. विक्रम संवत उत्तर भारत में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा और दक्षिण में कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है.

  5. बहुत अच्छी जानकारी मिली इस पृष्ठ से।

    1. Thank You, अद्विक 🙂

  6. Doubt clear krne me bahut help mili h…..🤗👍

    1. Thank you, Tanu 🙂

  7. तारीख से तिथि का पता लगाना और तिथि से दिनांक (ईस्वी) की गणना का तरीका जानना महत्त्व पूर्ण है। इसका फॉर्मूला बतावें

  8. मुझे लगता है जैसा हेमंत नागसेन जी ने कहा उस हिसाब से लेख एडिट कर दें क्योंकि लोग लेख ही पढ़ते हैं कमेंट वही पढ़ता है जिसे कमेंट करना होता है । मे एक सम

    1. Sahi kaha apne. Lekh me hi sudhar hona chahiye..

  9. Did not understand why then the year changes on the next day of depawali … Why the difference in the year in Vikram samvant itself . Very confusing..

  10. Thaks bro , I have so many confusions that’s all are solved.

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